नालागढ़ धमाका कांग्रेस सरकार की विफल कानून-व्यवस्था का परिणाम, एनआईए जांच ने बढ़ाई चिंता : डॉ. राजीव सहजल
मित्रमंडी के प्रभाव में एक्सटेंशन पर चल रहे डीएसपी, संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा से खिलवाड़ : भाजपा
नालागढ़/सोलन। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने नालागढ़ में हुए संदिग्ध धमाके, एनआईए जांच और क्षेत्र की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ जैसे औद्योगिक और संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार हालात संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
डॉ. सहजल ने कहा कि पुलिस थाना नालागढ़ के समीप हुए धमाके, आसपास की इमारतों के शीशे टूटने और एनआईए व फॉरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचने से यह साफ है कि मामला अत्यंत गंभीर है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार इसे सामान्य घटना बताकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने नालागढ़ के डीएसपी भीष्म ठाकुर की तैनाती को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि डीएसपी भीष्म ठाकुर जनवरी 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष का एक्सटेंशन देकर नालागढ़ जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में तैनात किया गया। यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से भी और सुरक्षा के लिहाज से भी पूरी तरह समझ से परे है।
डॉ. सहजल ने आरोप लगाया कि डीएसपी न केवल एक्सटेंशन पर कार्यरत हैं, बल्कि वे मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल के नजदीकी माने जाते हैं और अब उनके एक्सटेंशन में भी तथाकथित 'मित्रमंडी' का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बार-बार सवाल उठने के बावजूद न तो उनकी भूमिका की समीक्षा की जा रही है और न ही उन्हें वहां से हटाया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह अधिकारी अक्सर अवकाश पर रहते हैं, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित होता है और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में कई योग्य, युवा और सक्रिय अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर एक सेवानिवृत्त अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण देकर ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में क्यों बनाए रखा गया है।
डॉ. राजीव सहजल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रशासन को मित्रों और चहेतों के हवाले कर दिया है, जिसका खामियाजा आम जनता, उद्योगपति और श्रमिक भुगत रहे हैं। नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन चुका है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने मांग की कि नालागढ़ धमाके की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाई जाए, डीएसपी स्तर की तैनातियों और एक्सटेंशन की तुरंत समीक्षा हो तथा क्षेत्र में पूर्णकालिक, सक्षम और सक्रिय अधिकारी की तैनाती की जाए।
डॉ. सहजल ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं लाई, तो भाजपा नालागढ़ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
मित्रमंडी के प्रभाव में एक्सटेंशन पर चल रहे डीएसपी, संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा से खिलवाड़ : भाजपा
नालागढ़/सोलन। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने नालागढ़ में हुए संदिग्ध धमाके, एनआईए जांच और क्षेत्र की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ जैसे औद्योगिक और संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार हालात संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
डॉ. सहजल ने कहा कि पुलिस थाना नालागढ़ के समीप हुए धमाके, आसपास की इमारतों के शीशे टूटने और एनआईए व फॉरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचने से यह साफ है कि मामला अत्यंत गंभीर है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार इसे सामान्य घटना बताकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने नालागढ़ के डीएसपी भीष्म ठाकुर की तैनाती को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि डीएसपी भीष्म ठाकुर जनवरी 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष का एक्सटेंशन देकर नालागढ़ जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में तैनात किया गया। यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से भी और सुरक्षा के लिहाज से भी पूरी तरह समझ से परे है।
डॉ. सहजल ने आरोप लगाया कि डीएसपी न केवल एक्सटेंशन पर कार्यरत हैं, बल्कि वे मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल के नजदीकी माने जाते हैं और अब उनके एक्सटेंशन में भी तथाकथित 'मित्रमंडी' का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बार-बार सवाल उठने के बावजूद न तो उनकी भूमिका की समीक्षा की जा रही है और न ही उन्हें वहां से हटाया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह अधिकारी अक्सर अवकाश पर रहते हैं, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित होता है और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में कई योग्य, युवा और सक्रिय अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर एक सेवानिवृत्त अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण देकर ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में क्यों बनाए रखा गया है।
डॉ. राजीव सहजल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रशासन को मित्रों और चहेतों के हवाले कर दिया है, जिसका खामियाजा आम जनता, उद्योगपति और श्रमिक भुगत रहे हैं। नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन चुका है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने मांग की कि नालागढ़ धमाके की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाई जाए, डीएसपी स्तर की तैनातियों और एक्सटेंशन की तुरंत समीक्षा हो तथा क्षेत्र में पूर्णकालिक, सक्षम और सक्रिय अधिकारी की तैनाती की जाए।
डॉ. सहजल ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं लाई, तो भाजपा नालागढ़ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
Bijender Sharma*, Press Correspondent Bohan Dehra Road JAWALAMUKHI-176031, Kangra HP(INDIA)*
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