हिमाचल भवन / सदन नई दिल्ली के रेस्टॉरेंट में मूल हिमाचलियों से ओवर चार्जिंग रोकने की मांग
धर्मशाला फरबरी 14 --2026
काँगड़ा के लोक सभा सांसद डॉक्टर राजीव भारद्वाज ने मुख्य मन्त्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से हिमाचल भवन / सदन नई दिल्ली के रेस्टॉरेंट में मूल हिमाचलियों से ओवर चार्जिंग रोकने की मांग की है /
उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है की हिमाचल प्रदेश के बिभिन्न हिस्सों से चलने बाली हिमाचल रोडवेज की वॉल्वो वसें हिमाचलियों को सुबह हिमाचल भवन नई दिल्ली के बाहर उतरती हैं और यह लोग चाय , ब्रेकफास्ट के लिए हिमाचल भवन के रेस्टॉरेंट में जाते हैं। लेकिन हिमाचल पर्यटन निगम लिमिटेड द्वारा संचालित किये जा रहे इस रेस्टॉरेंट के प्रवन्धक इन लोगों से कमर्शियल रेट चार्ज करते हैं जोकि सरकारी दरों से दुगने से भी ज्यादा होते हैं और यह रेट बाहरी लोगों के लिए तय किये जाते हैं / इस बारे में जब रेस्टॉरेंट मैनेजर से बात की जाती है तो बह यह तर्क देते हैं की सरकारी रेट केवल हिमाचल भवन के कमरों में ठहरे मेहमानों के लिए ही लागु होते हैं और रेस्टोरेंट में खाने बालों पर कमर्शियल रेट ही लागु होते हैं चाहे बह हिमाचली हों या किसी भी अन्य राज्य से हों /
इसी तरह यह लोग जब रात को हिमाचल भवन से बापिस हिमाचल के लिए बसें पकड़ते हैं तो ज़्यदातर लोग इस रेस्टोरेंट में डिनर करते हैं और रेस्टोरेंट मैनेजर द्वारा उनसे भी कमर्शियल रेट ही चार्ज किये जाते हैं जोकि सरासर गलत है /
इन्होने कहा की ऐसी परम्परा किसी भी राज्य के भवन में नहीं है बल्कि उलटे ज्यादातर भवनों में बहां के मूल निवासियों को रियायती दरों पर खानपान /भोजन उपलब्ध करबाया जाता है /
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अनुरोध किया की हिमाचल पर्यटन निगम लिमिटेड द्वारा संचालित किये जा रहे इस रेस्टॉरेंट में मूल हिमाचलियों से सरकारी दरों पर ही चार्ज किया जाना चाहिए और इसके लिए किसी भी सरकारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड , वोटर कार्ड ,और हिमाचल के सरकारी बिभाग द्वारा जारी पहचान पत्र को आधार माना जाना चाहिए /
उन्होंने इस दिशा में हिमाचल पर्यटन निगम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर को उचित दिशा निर्देश देने का अनुरोध किया /
इस बीच फ्रेंड्स ऑफ हिमाचल के पैट्रन श्री इंद्र सिंह चंदेल ने हिमाचल भवन नई दिल्ली के रेस्टॉरेंट में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा मूल हिमाचलियों से किये जा रहे भेदभाव की निंदा की है / उन्होंने कहा की इस रेस्टॉरेंट में हिमाचलियों को उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है क्योंकि ज्यादतर कर्मचारी मूल हिमाचलियों को खाना परोसने में परहेज करते हैं और इसकी बजाय बाहरी लोगों को तरजीह देते हैं /उन्होंने रेस्टॉरेंट द्वारा लिए जा रहे चार्ज को लूट करार दिया /
उन्होंने हरियाणा की तर्ज पर राज्य के पत्रकारों को खानपान की मुफ्त सुविधाएँ प्रदान करने की मांग की और सुचना और जन सम्पर्क द्वारा आथित्य सत्कार में प्रदान किये बजट की बन्दर बाट को रोकने की मांग की और इसका ऑडिट करबाने की मांग की / उन्होंने पूछा की सरकार की उपलब्ध दीयों का राष्ट्रीय मीडिया में कतई जिक्र नहीं होता तो ऐसे में कर दाताओं के पैसे से सफेद हाथी पालने का क्या औचित्य है /