हिमाचल में BSNL सेवाओं को मजबूत करने का मुद्दा लोकसभा में उठाया — स्टाफ की भारी कमी दूर करने की मांग"
"दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधार के लिए 21,000 टावर योजना, 17,000 टावर पहले ही स्थापित"
शिमला, भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं, विशेषकर BSNL नेटवर्क और स्टाफ की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है जहां भारी बारिश, बर्फबारी और प्राकृतिक बाधाओं के कारण दूरसंचार सेवाएं अक्सर प्रभावित होती हैं और कर्मचारियों को दूरदराज क्षेत्रों में पैदल जाकर सेवाएं बहाल करनी पड़ती हैं।
सांसद कश्यप ने सदन में बताया कि हिमाचल प्रदेश में BSNL के तकनीकी स्टाफ के पदों पर भारी कमी है। उन्होंने आंकड़ों सहित बताया कि सीनियर एसडीई के 192 पदों के मुकाबले केवल 81 कार्यरत हैं, जे.टी.ओ. के 282 पदों के मुकाबले 165 कार्यरत हैं, जबकि जेई के 177 पदों के मुकाबले मात्र 110 कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क रखरखाव और सेवा बहाली में गंभीर कठिनाइयां आती हैं। उन्होंने दूरसंचार मंत्री से पूछा कि इस स्टाफ कमी को दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और कब तक पदों को भरा जाएगा।
जवाब में केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि पहली बार BSNL सर्किलों की मासिक और त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा की जा रही है। समीक्षा में ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दोनों पैरामीटर शामिल हैं, जिनमें केबल कट की घटनाएं, रिपेयर का औसत समय और BTS अपटाइम जैसे लगभग 10 प्रमुख मानक मॉनिटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य कम से कम 95% अपटाइम सुनिश्चित करना है और जहां मैनपावर की कमी सामने आती है, वहां पुनः तैनाती और संसाधन समायोजन की अनुमति दी गई है। आने वाले महीनों में अधिकांश सर्किलों में 95–99% अपटाइम हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
सांसद कश्यप ने अपने संसदीय क्षेत्र सहित हिमाचल के कई इलाकों में नेटवर्क की गंभीर कमी और 2G सेवा भी उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाते हुए 5G सेवाओं के विस्तार पर भी प्रश्न किया। इस पर मंत्री ने बताया कि भारत सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी देना है और आर्थिक रूप से कम लाभकारी क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि के माध्यम से विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि पहाड़ी, द्वीपीय और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों सहित कठिन भौगोलिक इलाकों के लिए विशेष कनेक्टिविटी योजनाएं लागू हैं। "फुल सैचुरेशन" योजना के तहत देश के लगभग 3,000 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां 21,000 टावर लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 17,000 टावर स्थापित किए जा चुके हैं और शत-प्रतिशत कनेक्टिविटी लक्ष्य को जल्द पूरा किया जाएगा।
सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में बेहतर दूरसंचार सुविधा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और इस विषय को वे आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।
"दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधार के लिए 21,000 टावर योजना, 17,000 टावर पहले ही स्थापित"
शिमला, भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं, विशेषकर BSNL नेटवर्क और स्टाफ की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है जहां भारी बारिश, बर्फबारी और प्राकृतिक बाधाओं के कारण दूरसंचार सेवाएं अक्सर प्रभावित होती हैं और कर्मचारियों को दूरदराज क्षेत्रों में पैदल जाकर सेवाएं बहाल करनी पड़ती हैं।
सांसद कश्यप ने सदन में बताया कि हिमाचल प्रदेश में BSNL के तकनीकी स्टाफ के पदों पर भारी कमी है। उन्होंने आंकड़ों सहित बताया कि सीनियर एसडीई के 192 पदों के मुकाबले केवल 81 कार्यरत हैं, जे.टी.ओ. के 282 पदों के मुकाबले 165 कार्यरत हैं, जबकि जेई के 177 पदों के मुकाबले मात्र 110 कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क रखरखाव और सेवा बहाली में गंभीर कठिनाइयां आती हैं। उन्होंने दूरसंचार मंत्री से पूछा कि इस स्टाफ कमी को दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और कब तक पदों को भरा जाएगा।
जवाब में केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि पहली बार BSNL सर्किलों की मासिक और त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा की जा रही है। समीक्षा में ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दोनों पैरामीटर शामिल हैं, जिनमें केबल कट की घटनाएं, रिपेयर का औसत समय और BTS अपटाइम जैसे लगभग 10 प्रमुख मानक मॉनिटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य कम से कम 95% अपटाइम सुनिश्चित करना है और जहां मैनपावर की कमी सामने आती है, वहां पुनः तैनाती और संसाधन समायोजन की अनुमति दी गई है। आने वाले महीनों में अधिकांश सर्किलों में 95–99% अपटाइम हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
सांसद कश्यप ने अपने संसदीय क्षेत्र सहित हिमाचल के कई इलाकों में नेटवर्क की गंभीर कमी और 2G सेवा भी उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाते हुए 5G सेवाओं के विस्तार पर भी प्रश्न किया। इस पर मंत्री ने बताया कि भारत सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी देना है और आर्थिक रूप से कम लाभकारी क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि के माध्यम से विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि पहाड़ी, द्वीपीय और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों सहित कठिन भौगोलिक इलाकों के लिए विशेष कनेक्टिविटी योजनाएं लागू हैं। "फुल सैचुरेशन" योजना के तहत देश के लगभग 3,000 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां 21,000 टावर लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 17,000 टावर स्थापित किए जा चुके हैं और शत-प्रतिशत कनेक्टिविटी लक्ष्य को जल्द पूरा किया जाएगा।
सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में बेहतर दूरसंचार सुविधा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और इस विषय को वे आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।
Bijender Sharma*, Press Correspondent Bohan Dehra Road JAWALAMUKHI-176031, Kangra HP(INDIA)*
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