फार्मेसी शिक्षा दिवस पर 'Pharma Anveshan 2026' का भव्य आयोजन, ज्वालामुखी में जुटे देशभर के विशेषज्ञ
ज्वालामुखी (कांगड़ा), 25 मार्च 2026:
राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य में ज्वालामुखी स्थित Laureate Institute of Pharmacy में आज 'Pharma Anveshan 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक मंच पर एकत्र हुए, जहां फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को लेकर गहन मंथन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ. मोंटू कुमार एम. पटेल (President, Pharmacy Council of India) का संस्थान पहुंचने पर पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया गया। संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. रण सिंह और प्राचार्य एम. एस. अशावत ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
यह आयोजन Pharmacy Council of India (PCI) द्वारा प्रायोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और नियामक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, नवाचार और दक्षता को बढ़ावा दिया जा सके।
सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इनमें नई शिक्षा नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत फार्मेसी शिक्षा में सुधार, इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच मजबूत सहयोग, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहन, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने और हेल्थकेयर सेक्टर में उभरती चुनौतियों जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते समय के साथ फार्मेसी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, शोध-आधारित और उद्योगोन्मुख बनाना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में संस्थान की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियां, रिसर्च प्रोजेक्ट्स, और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संस्थान की भागीदारी शामिल रही। इस अवसर पर प्रतिभागियों को आधुनिक फार्मास्यूटिकल तकनीकों और शोध के नवीनतम रुझानों से भी अवगत कराया गया।
सम्मेलन में कई गणमान्य अतिथियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिनमें जे.एच. चौधरी, सुशील कुमार बंसल, गोपाल कृष्ण शर्मा, सुशील सुदान, दिनेश मदान, डॉ. कमलेश नायक और संजीव पंडित प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त, देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भी सम्मेलन को संबोधित किया, जिनमें डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. परवीन बंसल और डॉ. जी.डी. गुप्ता शामिल रहे। उन्होंने फार्मा क्षेत्र में शोध, नवाचार और नीति निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि 'Pharma Anveshan 2026' जैसे आयोजन न केवल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए सीखने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि यह उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की दूरी को भी कम करते हैं। इस प्रकार के प्रयास देश में फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ज्वालामुखी (कांगड़ा), 25 मार्च 2026:
राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य में ज्वालामुखी स्थित Laureate Institute of Pharmacy में आज 'Pharma Anveshan 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक मंच पर एकत्र हुए, जहां फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को लेकर गहन मंथन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ. मोंटू कुमार एम. पटेल (President, Pharmacy Council of India) का संस्थान पहुंचने पर पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया गया। संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. रण सिंह और प्राचार्य एम. एस. अशावत ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
यह आयोजन Pharmacy Council of India (PCI) द्वारा प्रायोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और नियामक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, नवाचार और दक्षता को बढ़ावा दिया जा सके।
सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इनमें नई शिक्षा नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत फार्मेसी शिक्षा में सुधार, इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच मजबूत सहयोग, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहन, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने और हेल्थकेयर सेक्टर में उभरती चुनौतियों जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते समय के साथ फार्मेसी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, शोध-आधारित और उद्योगोन्मुख बनाना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में संस्थान की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियां, रिसर्च प्रोजेक्ट्स, और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संस्थान की भागीदारी शामिल रही। इस अवसर पर प्रतिभागियों को आधुनिक फार्मास्यूटिकल तकनीकों और शोध के नवीनतम रुझानों से भी अवगत कराया गया।
सम्मेलन में कई गणमान्य अतिथियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिनमें जे.एच. चौधरी, सुशील कुमार बंसल, गोपाल कृष्ण शर्मा, सुशील सुदान, दिनेश मदान, डॉ. कमलेश नायक और संजीव पंडित प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त, देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भी सम्मेलन को संबोधित किया, जिनमें डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. परवीन बंसल और डॉ. जी.डी. गुप्ता शामिल रहे। उन्होंने फार्मा क्षेत्र में शोध, नवाचार और नीति निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि 'Pharma Anveshan 2026' जैसे आयोजन न केवल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए सीखने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि यह उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की दूरी को भी कम करते हैं। इस प्रकार के प्रयास देश में फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Bijender Sharma*, Press Correspondent Bohan Dehra Road JAWALAMUKHI-176031, Kangra HP(INDIA)*
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