राज्यपाल ने ‘मातृवंदना’ पत्रिका का विशेषांक और कैलेंडर जारी किया
नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान, समाज निर्माण के लिए पांच संकल्प अपनाने पर जोर
शिमला, 14 अप्रैल।
Kavinder Gupta ने मंगलवार सायं शिमला के Gaiety Theatre में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘मातृवंदना’ संस्थान की मासिक पत्रिका ‘मातृवंदना’ के विशेषांक ‘पंच संकल्प से समाज परिवर्तन’ और कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रिका की ऑनलाइन सदस्यता आवेदन प्रक्रिया का भी शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में समाज को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहना, अच्छे संस्कारों और नैतिक मूल्यों को अपनाना, जीवन में ईमानदारी बनाए रखना, समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना और देश के प्रति सम्मान व समर्पण की भावना रखना—ये सभी सकारात्मक परिवर्तन के आधार हैं।
उन्होंने प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक गंभीर सामाजिक चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि अवैध नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवा पीढ़ी को इस बुराई से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
राज्यपाल ने हिमाचल को ‘देवभूमि’ बताते हुए इसकी समृद्ध संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यही विरासत लोगों को एकजुट रहने और कठिन परिस्थितियों में भी समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देती है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और दैनिक जीवन में अनुशासन, सेवा व सहयोग जैसे मूल्यों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने ‘मातृवंदना’ संस्थान को पत्रिका के नियमित प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक विचारों के प्रसार का सशक्त माध्यम हैं। पत्रिकाएं न केवल ज्ञान का स्रोत होती हैं, बल्कि सामाजिक मूल्यों को दिशा देने और युवाओं को अपनी संस्कृति व इतिहास से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने पत्रिका के पूर्व संस्थापक संपादक एवं प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान Dr. Dayanand Sharma को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। पत्रिका के संपादक Dr. Karam Singh ने पत्रिका के इतिहास और प्रकाशन यात्रा पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता Prem Kumar ने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए बताया कि ‘मातृवंदना’ पत्रिका आज प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों सहित 11 हजार से अधिक गांवों तक पहुंचकर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ रही है।
इस अवसर पर साई इटरनल फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य Raj Kumar Verma, मातृवंदना संस्थान के अध्यक्ष Dr. Umesh Maudgil सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।