ऊना में गरजे मुख्यमंत्री, भाजपा को बताया “हिमाचल विरोधी”
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने रविवार को ऊना में आयोजित प्रेस-वार्ता में भाजपा पर तीखा हमला बोला और उसे “हिमाचल विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और आपदा राहत जैसे अहम मुद्दों पर भाजपा को जनता को बताना चाहिए कि वह राज्य सरकार के साथ केंद्र के सामने मजबूती से क्यों नहीं खड़ी हुई।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था, तब भाजपा नेता प्रधानमंत्री से मिलने सरकार के साथ क्यों नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा और चुनावी समय में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की “रेवड़ियां” बांटकर वित्तीय अनुशासन को कमजोर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से अधिक संसाधन मिलने के बावजूद उनका सही उपयोग नहीं हुआ और प्रदेश की संपदा को सस्ते दामों पर बेचा गया।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार को पांच वर्षों में केंद्र से वर्तमान सरकार की तुलना में करीब 60 हजार करोड़ रुपये अधिक मिले, लेकिन उस राशि का दुरुपयोग हुआ। “अगर उस धन का सही इस्तेमाल होता तो आज हिमाचल कर्ज मुक्त होता,” उन्होंने कहा।
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 40 महीनों में “व्यवस्था परिवर्तन” के तहत कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। उन्होंने भाजपा पर सोशल मीडिया के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब सच्चाई समझ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक लाख गरीब परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 59 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को पेंशन दे रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गेहूं, मक्की और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले हिमाचल 21वें स्थान पर था, जो अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सरकारी स्कूलों में CBSE पैटर्न लागू किया गया है। औद्योगिक विकास के तहत ऊना में बल्क ड्रग पार्क परियोजना को “गेम चेंजर” बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पेखूबेला में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है और ऊना को सौर ऊर्जा हब बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
आपदा प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं के दौरान राज्य सरकार ने अपने स्तर पर ऐतिहासिक राहत पैकेज दिए, लेकिन भाजपा नेताओं ने केंद्र से मदद दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि का प्रदेश अब तक इंतजार कर रहा है।
अंत में मुख्यमंत्री ने भाजपा में आंतरिक गुटबाजी का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष Jai Ram Thakur पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है और जय राम ठाकुर अपनी कुर्सी बचाने के दबाव में लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri सहित कई विधायक और कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने रविवार को ऊना में आयोजित प्रेस-वार्ता में भाजपा पर तीखा हमला बोला और उसे “हिमाचल विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और आपदा राहत जैसे अहम मुद्दों पर भाजपा को जनता को बताना चाहिए कि वह राज्य सरकार के साथ केंद्र के सामने मजबूती से क्यों नहीं खड़ी हुई।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था, तब भाजपा नेता प्रधानमंत्री से मिलने सरकार के साथ क्यों नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा और चुनावी समय में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की “रेवड़ियां” बांटकर वित्तीय अनुशासन को कमजोर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से अधिक संसाधन मिलने के बावजूद उनका सही उपयोग नहीं हुआ और प्रदेश की संपदा को सस्ते दामों पर बेचा गया।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार को पांच वर्षों में केंद्र से वर्तमान सरकार की तुलना में करीब 60 हजार करोड़ रुपये अधिक मिले, लेकिन उस राशि का दुरुपयोग हुआ। “अगर उस धन का सही इस्तेमाल होता तो आज हिमाचल कर्ज मुक्त होता,” उन्होंने कहा।
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 40 महीनों में “व्यवस्था परिवर्तन” के तहत कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। उन्होंने भाजपा पर सोशल मीडिया के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब सच्चाई समझ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक लाख गरीब परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 59 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को पेंशन दे रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गेहूं, मक्की और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले हिमाचल 21वें स्थान पर था, जो अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सरकारी स्कूलों में CBSE पैटर्न लागू किया गया है। औद्योगिक विकास के तहत ऊना में बल्क ड्रग पार्क परियोजना को “गेम चेंजर” बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पेखूबेला में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है और ऊना को सौर ऊर्जा हब बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
आपदा प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं के दौरान राज्य सरकार ने अपने स्तर पर ऐतिहासिक राहत पैकेज दिए, लेकिन भाजपा नेताओं ने केंद्र से मदद दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि का प्रदेश अब तक इंतजार कर रहा है।
अंत में मुख्यमंत्री ने भाजपा में आंतरिक गुटबाजी का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष Jai Ram Thakur पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है और जय राम ठाकुर अपनी कुर्सी बचाने के दबाव में लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri सहित कई विधायक और कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।
Bijender Sharma*, Press Correspondent Bohan Dehra Road JAWALAMUKHI-176031, Kangra HP(INDIA)*
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