100 नहीं अब 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी, 90:10 फंडिंग से हिमाचल को सीधा लाभ : सुरेश कश्यप



100 नहीं अब 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी, 90:10 फंडिंग से हिमाचल को सीधा लाभ : सुरेश कश्यप

कांग्रेस झूठ और भ्रम फैला रही है, वीबी–जी राम जी हिमाचल के गांवों के लिए वरदान

शिमला। शिमला के गेयटी थिएटर में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित वीबी–जी राम जी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को लेकर कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है। यह कांग्रेस की ग्रामीण विरोधी, मजदूर विरोधी और विकास विरोधी सोच को उजागर करता है। जब भी गरीब के जीवन में स्थायी बदलाव लाने वाला कोई सुधार आता है, कांग्रेस झूठ के सहारे उसका विरोध करने लगती है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि आज़ादी के बाद रोजगार देने के लिए कई योजनाएं आईं, लेकिन नरेगा/मनरेगा समय के साथ भ्रष्टाचार, फर्जी मस्टर रोल, ठेकेदारी प्रथा और भुगतान में देरी का अड्डा बन गई। कांग्रेस ने रोजगार को विकास से जोड़ने के बजाय उसे केवल वोट बैंक का औजार बनाया। एनडीए सरकार ने आंकड़ों के माध्यम से कांग्रेस की पोल खोल दी है—जहां यूपीए काल में 1660 करोड़ श्रम-दिवस सृजित हुए, वहीं एनडीए काल में यह बढ़कर 3210 करोड़ हो गए। पूर्ण कार्यों और स्थायी परिसंपत्तियों में भी कई गुना वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह झूठ फैला रही है कि रोजगार की गारंटी खत्म की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है और इसे कानूनी संरक्षण दिया गया है। योजना डिमांड-ड्रिवन ही रहेगी और समय पर काम या भुगतान न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान पहले की तरह लागू रहेगा। कांग्रेस को झूठ बोलने से पहले अधिनियम पढ़ लेना चाहिए।

हिमाचल के संदर्भ में कश्यप ने कहा कि यह अधिनियम विशेष श्रेणी राज्यों के लिए गेम-चेंजर है। 75% के स्थान पर अब 90:10 फंडिंग पैटर्न लागू होने से हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें, जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियां तेजी से बनेंगी। कांग्रेस वर्षों तक हिमाचल को विशेष सहायता देने की बातें करती रही, लेकिन कभी ठोस व्यवस्था नहीं कर पाई।

उन्होंने कहा कि वीबी–जी राम जी में जियो-टैगिंग, GPS मैपिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और AI आधारित सोशल ऑडिट को अनिवार्य कर भ्रष्टाचार की कमर तोड़ दी गई है। कांग्रेस को सबसे ज्यादा डर इसी पारदर्शिता से है, क्योंकि अब फर्जी जॉब कार्ड और घोटालों की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।

कांग्रेस के नाम बदलने के आरोपों पर तीखा प्रहार करते हुए सुरेश कश्यप ने कहा कि जिसने स्वयं नरेगा का नाम मनरेगा किया, वही आज नाम को मुद्दा बना रही है। असली मुद्दा नाम नहीं, परिणाम, पारदर्शिता और विकास है। वीबी–जी राम जी ने ग्रामीण रोजगार को पहली बार स्थायी विकास से जोड़ा है।

अंत में उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में यह अधिनियम मील का पत्थर है। हिमाचल के गांवों को इससे स्थायी आजीविका, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत बुनियादी ढांचा मिलेगा। कांग्रेस को नकारात्मक राजनीति छोड़कर हिमाचल और देश के हित में इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करना चाहिए।
BIJENDER SHARMA

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