हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ज्वालामुखी मंदिर में की पूजा-अर्चना, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कांगड़ा जिला स्थित प्रसिद्ध माता ज्वालामुखी मंदिर में आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने माँ ज्वाला जी के चरणों में समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण और उन्नति का आशीर्वाद भी मांगा।
मंदिर परिसर में स्थानीय विधायक संजय रत्न ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। ज्वालामुखी पहुंचने के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और मीडिया से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ सभी धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है, जिससे इसे पर्यटन राजधानी के रूप में पहचान मिल सके। इससे स्थानीय लोगों की आय में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे। पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए हेलिपैड, रोपवे, वाटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और धार्मिक पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पोंग डैम में जल्द ही वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इसके अलावा कांगड़ा के देहरा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर और जिला कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गोल्फ कोर्स विकसित करने की योजना पर भी सरकार विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज धर्मपत्नी के साथ 51 शक्तिपीठों में से एक माँ ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन कर हिमाचल प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। माँ के आशीर्वाद से सभी प्रदेशवासियों का जीवन खुशहाल हो, यही कामना है। जय माँ ज्वाला जी।”
कांगड़ा जिला स्थित प्रसिद्ध माता ज्वालामुखी मंदिर में आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने माँ ज्वाला जी के चरणों में समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण और उन्नति का आशीर्वाद भी मांगा।
मंदिर परिसर में स्थानीय विधायक संजय रत्न ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। ज्वालामुखी पहुंचने के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और मीडिया से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ सभी धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है, जिससे इसे पर्यटन राजधानी के रूप में पहचान मिल सके। इससे स्थानीय लोगों की आय में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे। पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए हेलिपैड, रोपवे, वाटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और धार्मिक पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पोंग डैम में जल्द ही वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इसके अलावा कांगड़ा के देहरा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर और जिला कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गोल्फ कोर्स विकसित करने की योजना पर भी सरकार विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज धर्मपत्नी के साथ 51 शक्तिपीठों में से एक माँ ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन कर हिमाचल प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। माँ के आशीर्वाद से सभी प्रदेशवासियों का जीवन खुशहाल हो, यही कामना है। जय माँ ज्वाला जी।”