नासिक के ढोंगी ज्योतिषी अशोक खरात पर यौन शोषण और ठगी का बड़ा कांड


नासिक के ढोंगी ज्योतिषी अशोक खरात पर यौन शोषण और ठगी का बड़ा कांडनासिक, 1 अप्रैल 2026 – महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक बार फिर भोंदू बाबा का मामला सुर्खियों में है। पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी और खुद को 'कैप्टन' कहने वाले अशोक खरात (67 वर्ष) पर महिलाओं के यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, ठगी और अंधविश्वास फैलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने उन्हें 18 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। अब तक उनके खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से आठ बलात्कार और यौन शोषण से जुड़ी हैं।खरात नासिक के सिन्नर तहसील के मिरगांव में स्थित ईशान्येश्वर महादेव मंदिर के ट्रस्ट के अध्यक्ष थे। वे खुद को ज्योतिषी और भगवान शिव का अवतार बताते थे। लोगों की समस्याएं दूर करने के नाम पर वे अमीर क्लाइंट्स से भारी फीस वसूलते थे। एक महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि खरात ने तीन साल से ज्यादा समय तक उसका बार-बार दुष्कर्म किया। उन्होंने पीड़िता को 'खारा और कड़वा पानी' पिलाकर बेहोश किया और फिर शोषण किया। पुलिस को उनके पास से 58 आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बरामद हुए, जो ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल होते थे।स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। SIT को अब तक 50 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। जांचकर्ताओं का कहना है कि खरात राजनीतिक नेताओं और प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थे। उनके मोबाइल फोन में कई रसूखदार लोगों के नंबर फर्जी नामों से सेव थे। फोन की क्लोन कॉपी का डिजिटल विश्लेषण चल रहा है।जांच के दौरान खरात की संपत्ति का भी पता चला है। उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति, विदेश यात्राओं के सबूत और हथियार बरामद हुए। पुलिस को उनके पास से रिवॉल्वर, 21 कारतूस और पांच खाली खोल मिले। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कहा कि ये खाली खोल नरबलि (human sacrifice) से जुड़े हो सकते हैं। साथ ही अघोरी अनुष्ठानों, सांप और टाइगर स्किन जैसी चीजों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने के आरोप भी हैं।नासिक कोर्ट ने रविवार को खरात की पुलिस हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी। जांच अधिकारी ने कहा कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहा है और डिजिटल सबूतों की गहन जांच के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी है। SIT ने इनकम टैक्स, स्टांप ड्यूटी और पासपोर्ट विभाग को भी पत्र लिखा है ताकि उनकी संपत्ति और यात्राओं की जांच हो सके।यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि राजनीति और धर्म के गठजोड़ को भी उजागर कर रहा है। महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का खरात के साथ फोटो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि अगर पूरा वीडियो सामने आया तो सरकार हिल जाएगी। कई नेता-मंत्रियों की पत्नियां और प्रभावशाली लोग खरात के क्लाइंट बताए जा रहे हैं।खरात का जन्म नासिक जिले के कंधालवाड़ी गांव में हुआ। उन्होंने 22 साल मर्चेंट नेवी में सेवा की और 154 देशों का भ्रमण किया। नौकरी छोड़ने के बाद वे ज्योतिष और आध्यात्मिक गुरु बन गए। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के जरिए अपनी पहचान बनाई। महाराष्ट्र सरकार ने 2018 में उनके मंदिर के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड भी दिया था।SIT ने पीड़ितों की सुरक्षा के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर किसी पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया तो तुरंत कार्रवाई होगी।यह मामला महाराष्ट्र में भोंदू बाबाओं और उनके राजनीतिक संरक्षण पर बड़ी बहस छेड़ रहा है। जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की उम्मीद है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अशोक खरात को निर्दोष माना जाएगा।(शब्द संख्या: लगभग 498)नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। जांच पूरी होने और अदालत के फैसले तक किसी भी आरोप को सिद्ध नहीं माना जाना चाहिए।
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