मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से बड़ा भंगाल की कपूरी देवी को मिला जीवन
वर्ष 2024 में गंभीर बीमार होने पर चौपर से किया गया था कपूरी देवी को रेस्क्यू
सरकार ने टांडा मेडिकल अस्पतला में करवाया इलाज, कपूरी देवी ने कहा- धन्यवाद मुख्यमंत्री
पालमपुर, 1 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का व्यक्तित्व सादगी और संवेदनशीलता का एक अनूठा संगम है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने के कारण, वे आम आदमी की समस्याओं, संघर्षों और जरूरतों को अत्यंत गहराई से समझते हैं। उनकी कार्यशैली में व्यवस्था परिवर्तन का मूल मंत्र स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिसका मुख्य केंद्र समाज का अंतिम व्यक्ति है।
मुख्यमंत्री के रूप में सुक्खू की सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य के गरीबों, वंचितों और दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का उत्थान है। वे केवल फाइलों के माध्यम से शासन नहीं करते, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर उनकी पीड़ा को महसूस करते हैं। चाहे आपदा का कठिन समय हो या सामान्य परिस्थितियां, मुख्यमंत्री ने हमेशा अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों की मदद की और उन्हें संबल प्रदान करने का निर्णय समय समय पर लिया है।
अति दुर्गम क्षेत्रों में बीमार होने पर कई बार मुख्यमंत्री ने गंभीर बीमार लोगों को चौपर के माध्यम से रेस्क्यू किया और उनका इलाज प्रदेश के सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्थानों में करवाया है।
बड़ा भंगाल की कपूरी देवी के साथ भी ऐसा ही मामला पेश आया। मुख्यमंत्री ने अति दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल की कपूरी देवी के बीमार होने पर संवेदनशीलता दिखाते हुए उनको चौपर के माध्यम से टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के निर्देश दिए। सरकार के इस निर्णय से कपूरी देवी को नया जीवन मिला और उनका इलाज डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में हुआ। कपूरी देवी का कहना है कि डॉक्टरों ने उनका इलाज मुख्यमंत्री की माता समझकर किया।
नया जीवन देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कपूरी देवी कहती हैं कि वर्ष 2024 में वह गंभीर बीमार हो गई थीं। इसके बाद उनको हेलीकॉप्टर के माध्यम से सरकार ने रेस्क्यू किया। टांडा पहुंचने के बाद उनको होश नहीं रहा। इसके बाद उनका इलाज सरकार ने किया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार हैलीकॉप्टर के माध्यम से उनको अस्पताल नहीं पहुंचाते तो उनके जीवन को खतरा हो सकता था, लेकिन संवेदनशील मुख्यमंत्री ने उनके जीवन को बचा लिया।
वर्ष 2024 में गंभीर बीमार होने पर चौपर से किया गया था कपूरी देवी को रेस्क्यू
सरकार ने टांडा मेडिकल अस्पतला में करवाया इलाज, कपूरी देवी ने कहा- धन्यवाद मुख्यमंत्री
पालमपुर, 1 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का व्यक्तित्व सादगी और संवेदनशीलता का एक अनूठा संगम है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने के कारण, वे आम आदमी की समस्याओं, संघर्षों और जरूरतों को अत्यंत गहराई से समझते हैं। उनकी कार्यशैली में व्यवस्था परिवर्तन का मूल मंत्र स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिसका मुख्य केंद्र समाज का अंतिम व्यक्ति है।
मुख्यमंत्री के रूप में सुक्खू की सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य के गरीबों, वंचितों और दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का उत्थान है। वे केवल फाइलों के माध्यम से शासन नहीं करते, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर उनकी पीड़ा को महसूस करते हैं। चाहे आपदा का कठिन समय हो या सामान्य परिस्थितियां, मुख्यमंत्री ने हमेशा अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों की मदद की और उन्हें संबल प्रदान करने का निर्णय समय समय पर लिया है।
अति दुर्गम क्षेत्रों में बीमार होने पर कई बार मुख्यमंत्री ने गंभीर बीमार लोगों को चौपर के माध्यम से रेस्क्यू किया और उनका इलाज प्रदेश के सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्थानों में करवाया है।
बड़ा भंगाल की कपूरी देवी के साथ भी ऐसा ही मामला पेश आया। मुख्यमंत्री ने अति दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल की कपूरी देवी के बीमार होने पर संवेदनशीलता दिखाते हुए उनको चौपर के माध्यम से टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के निर्देश दिए। सरकार के इस निर्णय से कपूरी देवी को नया जीवन मिला और उनका इलाज डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में हुआ। कपूरी देवी का कहना है कि डॉक्टरों ने उनका इलाज मुख्यमंत्री की माता समझकर किया।
नया जीवन देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कपूरी देवी कहती हैं कि वर्ष 2024 में वह गंभीर बीमार हो गई थीं। इसके बाद उनको हेलीकॉप्टर के माध्यम से सरकार ने रेस्क्यू किया। टांडा पहुंचने के बाद उनको होश नहीं रहा। इसके बाद उनका इलाज सरकार ने किया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार हैलीकॉप्टर के माध्यम से उनको अस्पताल नहीं पहुंचाते तो उनके जीवन को खतरा हो सकता था, लेकिन संवेदनशील मुख्यमंत्री ने उनके जीवन को बचा लिया।
Bijender Sharma*, Press Correspondent Bohan Dehra Road JAWALAMUKHI-176031, Kangra HP(INDIA)*
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