आरजीवीएसवाई के तहत 4,000 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित
पौधरोपण अभियानों से लगभग 15,000 महिलाएं लेगी भाग
पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे राज्य सरकार के समग्र प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष शुरू की गई राजीव गांधी वन संवर्धन योजना (आरजीवीएसवाई) के तहत लगभग 300 महिला समूहों, 70 युवा समूहों और 75 अन्य स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 1,100 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का कार्य किया।
पौधरोपण अभियानों को गति प्रदान करते हुए वन विभाग ने वर्ष 2026दृ27 के लिए 1,100 सामुदायिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित कर लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। पौधरोपण अभियान में 60 प्रतिशत महिला समूह, 20 प्रतिशत युवा समूह और 20 प्रतिशत अन्य स्वयं सहायता समूह शामिल होंगे। इस योजना के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
इस पहल के तहत लगभग 15,000 महिलाओं को पौधरोपण कार्य में रोजगार मिलने की संभावना है। प्रत्येक समूह को प्रति हेक्टेयर 1.20 लाख रुपये प्रदान किए जा रहे हैं और समूह 2 से 5 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण कर सकते हैं। योजना में पौधों की जीवित रहने की प्रतिशतता आधार पर प्रोत्साहन भी शामिल हैं। इसके तहत जो समूह एक वर्ष बाद 50 प्रतिशत से अधिक पौधों की जीवित रहने की दर हासिल करेंगे, उन्हें हर दो हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
प्रदेश में हरित आवरण के विस्तार के दृष्टिगत यह योजना सफल साबित हो रही है। युवक मंडल, महिला मंडल और स्वयं सहायता समूहों को बंजर भूमि पर पेड़, फलदार किस्मों और अन्य उपयोगी पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ समूहों द्वारा उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है। ये प्रयास न केवल ग्रामीण समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि जैव विविधता बढ़ाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
सतत विकास को केंद्र में रखकर सरकार वनीकरण और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को निरंतर प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण के साथ सरकार राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को विस्तार प्रदान कर रही है। विविध किस्मों के पौधरोपण और सामुदायिक संरक्षण को प्रोत्साहित करके, सरकार भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्थायी हरित संपदा के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हरित आवरण को विस्तार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के दृष्टिगत राज्य में हरे पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य के वन क्षेत्र में निरंतर विस्तार हो रहा है।
पौधरोपण अभियानों से लगभग 15,000 महिलाएं लेगी भाग
पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे राज्य सरकार के समग्र प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष शुरू की गई राजीव गांधी वन संवर्धन योजना (आरजीवीएसवाई) के तहत लगभग 300 महिला समूहों, 70 युवा समूहों और 75 अन्य स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 1,100 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का कार्य किया।
पौधरोपण अभियानों को गति प्रदान करते हुए वन विभाग ने वर्ष 2026दृ27 के लिए 1,100 सामुदायिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित कर लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। पौधरोपण अभियान में 60 प्रतिशत महिला समूह, 20 प्रतिशत युवा समूह और 20 प्रतिशत अन्य स्वयं सहायता समूह शामिल होंगे। इस योजना के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
इस पहल के तहत लगभग 15,000 महिलाओं को पौधरोपण कार्य में रोजगार मिलने की संभावना है। प्रत्येक समूह को प्रति हेक्टेयर 1.20 लाख रुपये प्रदान किए जा रहे हैं और समूह 2 से 5 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण कर सकते हैं। योजना में पौधों की जीवित रहने की प्रतिशतता आधार पर प्रोत्साहन भी शामिल हैं। इसके तहत जो समूह एक वर्ष बाद 50 प्रतिशत से अधिक पौधों की जीवित रहने की दर हासिल करेंगे, उन्हें हर दो हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
प्रदेश में हरित आवरण के विस्तार के दृष्टिगत यह योजना सफल साबित हो रही है। युवक मंडल, महिला मंडल और स्वयं सहायता समूहों को बंजर भूमि पर पेड़, फलदार किस्मों और अन्य उपयोगी पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ समूहों द्वारा उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है। ये प्रयास न केवल ग्रामीण समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि जैव विविधता बढ़ाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
सतत विकास को केंद्र में रखकर सरकार वनीकरण और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को निरंतर प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण के साथ सरकार राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को विस्तार प्रदान कर रही है। विविध किस्मों के पौधरोपण और सामुदायिक संरक्षण को प्रोत्साहित करके, सरकार भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्थायी हरित संपदा के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हरित आवरण को विस्तार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के दृष्टिगत राज्य में हरे पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य के वन क्षेत्र में निरंतर विस्तार हो रहा है।
Bijender Sharma*, Press Correspondent Bohan Dehra Road JAWALAMUKHI-176031, Kangra HP(INDIA)*
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