धौलासिद्ध परियोजना का कैट प्लान स्वीकृत : अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर
हमीरपुर, 9 अक्तूबर (विजयेन्दर शर्मा) । वन वृत हमीरपुर के तहत व्यास नदी पर लगभग 500 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाली 66 मैगावाट क्षमता की धौलासिद्ध परियोजना के कैट प्लान को वन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा पहली अक्तूबर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह जानकारी अरण्यपाल वन वृत्त , हमीरपुर प्रदीप ठाकुर ने दी।
उन्होंने बताया कि धौलासिद्ध परियोजना सुजानपुर पुल से नीचे की ओर 12 किलोमीटर की दूरी पर बननी प्रस्तावित है तथा इसका निर्माण कार्य सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना का जल संग्रहण हमीरपुर, कांगड़ा और मण्डी जिला के लगभग 3,146 वर्ग किलोमीटर तक होगा जिसमें 3015 गांवों के लगभग 2,04,234 परिवार आएंगे।
उन्होंने बताया कि जल विद्युत निगम ने वन विभाग के सहयोग से जल संग्रहण क्षेत्र के उपचार / रख-रखाव के लिये कैट प्लान तैयार किया गया था जिलसकी स्वीकृति पहली अक्तूबर को वन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा स्वीकृति मिल जाने से अब परियोजना को शुरू करने में कोई बाधा नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि कैट प्लान के अनुसार 209 हैक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण व भू-संरक्षण , 106 हैक्टेयर क्षेत्र से लैंटाना उन्मूलन किया जाएगा । उन्होंने बताया कि कैट प्लान के तहत कृषि एवं बागवानी का विकास , पालतू पशुओं के टीकाकरण, स्थानीय हस्त करघा उद्योग को प्रोत्साहन, वन्य प्राणी से संबन्धित जागरूकता एवं संरक्षण व क्षेत्र के विकास के अतिरिक्त वन विभाग के आधारभूत संरचना के विकास के कार्य किये जाएंगे।
प्रदीप ठाकुर ने बताया कि सतलुज जल विद्युत निगम के उच्च अधिकारियों को स्वीकृत कैट प्लान की 12.50 करोड़ रूपये की राशि वन विभाग के पास शीघ्र जमा कराने के लिये कहा गया है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कैट प्लान पर वित्त वर्ष 2014-2015 में कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा जोकि आगामी 10 वर्ष तक चलेगा।
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हमीरपुर, 9 अक्तूबर (विजयेन्दर शर्मा) । वन वृत हमीरपुर के तहत व्यास नदी पर लगभग 500 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाली 66 मैगावाट क्षमता की धौलासिद्ध परियोजना के कैट प्लान को वन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा पहली अक्तूबर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह जानकारी अरण्यपाल वन वृत्त , हमीरपुर प्रदीप ठाकुर ने दी।
उन्होंने बताया कि धौलासिद्ध परियोजना सुजानपुर पुल से नीचे की ओर 12 किलोमीटर की दूरी पर बननी प्रस्तावित है तथा इसका निर्माण कार्य सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना का जल संग्रहण हमीरपुर, कांगड़ा और मण्डी जिला के लगभग 3,146 वर्ग किलोमीटर तक होगा जिसमें 3015 गांवों के लगभग 2,04,234 परिवार आएंगे।
उन्होंने बताया कि जल विद्युत निगम ने वन विभाग के सहयोग से जल संग्रहण क्षेत्र के उपचार / रख-रखाव के लिये कैट प्लान तैयार किया गया था जिलसकी स्वीकृति पहली अक्तूबर को वन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा स्वीकृति मिल जाने से अब परियोजना को शुरू करने में कोई बाधा नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि कैट प्लान के अनुसार 209 हैक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण व भू-संरक्षण , 106 हैक्टेयर क्षेत्र से लैंटाना उन्मूलन किया जाएगा । उन्होंने बताया कि कैट प्लान के तहत कृषि एवं बागवानी का विकास , पालतू पशुओं के टीकाकरण, स्थानीय हस्त करघा उद्योग को प्रोत्साहन, वन्य प्राणी से संबन्धित जागरूकता एवं संरक्षण व क्षेत्र के विकास के अतिरिक्त वन विभाग के आधारभूत संरचना के विकास के कार्य किये जाएंगे।
प्रदीप ठाकुर ने बताया कि सतलुज जल विद्युत निगम के उच्च अधिकारियों को स्वीकृत कैट प्लान की 12.50 करोड़ रूपये की राशि वन विभाग के पास शीघ्र जमा कराने के लिये कहा गया है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कैट प्लान पर वित्त वर्ष 2014-2015 में कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा जोकि आगामी 10 वर्ष तक चलेगा।
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